मार्क ज़ुकेरबर्ग की जीवनी ( Mark Zuckerberg Biography in Hindi) 2020

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मार्क ज़ुकेरबर्ग की जीवनी
मार्क ज़ुकेरबर्ग की जीवनी

मार्क ज़ुकेरबर्ग की जीवनी

 फेसबुक के संस्थापक और दुनिया की लिस्ट में सबसे कम उम्र की आयु में गिने जाने वाले मार्क ज़ुकेरबर्गकी जीवनी एक ऐसा नाम जिसको शायद ही कोई ऐसा होगा जो ना जानता हो वरना आज बच्चा – बच्चा मार्क ज़ुकेरबर्ग का नाम जानता है। अगर आज सोशल मीडिया जो दिन प्रतिदिन फैलता जा रहा है वह इन्ही की ही देन है।

2007 में सोशल मीडिया प्लेटफार्म फेसबुक को लाकर मार्क ज़ुकेरबर्ग ने दुनिया भर में एक नई क्रांति पैदा कर दी और लोगों के जीवन जीने की एक नई दिशा दी। मतलब की जब से फेसबुक की स्थापना हुई तब से लोगो का जीवन काफी आसान हो गया अपनी बात को कुछ ही सेकंड में इसके जरिये वायरल किया जाने लगा जिसका असर आज सब देख पा रहे है। सिर्फ फेसबुक ही नही बल्कि मार्क ज़ुकेरबर्ग ने ऐसे कई आविष्कार किये जिन्होंने मानव जीवन को काफी सरल बना दिया है। तो चलिये आज इस आर्टिकल के माध्यम से मार्क ज़ुकेरबर्ग के जीवन और उनके द्वारा किये गए कुछ अविष्कारों के बारे में जानते है। मार्क ज़ुकेरबर्ग की जीवनी जो कि आज के युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करती है इसलिए आपको इनके बारे में ज़रूर पड़ना चाहिए। तो चलिये शुरु करते है –

मार्क जुगरबर्ग की जीवनी-

मार्क ज़ुकेरबर्ग के जन्म 14 मई 1984 में न्यूयार्क के व्हाइट प्लेन्स के सहज परिवार में हुआ था लेकिन इनका पालन पोषण न्यूयार्क के गॉव डोबस फेरो में हुआ था। इनके पिता जिनका नाम एडवर्ड ज़ुकेरबर्ग जो कि एक दन्त चिकित्सिक थे और माता का नाम करेन केप्लेनेर जो कि एक मनोचिकित्सिक थी।

मार्क ज़ुकेरबर्ग जो कि बचपन से ही कंप्यूटर। में काफी माहिर थे उन्होंने अपनी 12 आयु की अल्प आयु में ही जुकनेट नाम का एक मैसेजिंग प्रोग्राम बनाया रहा जिसका इस्तेमाल उनके पिता के दंत कार्यालय में किया गया। जिसके जरिये रोगी बुलाने के लिये इस्तेमाल किया जाता था।

मार्क जुगरबर्ग की प्रारंभिक शिक्षा

मार्क ज़ुकेरबर्ग के पिता ने उनके अन्दर बढ़ती कंप्यूटर के प्रति रूचि को देखते हुए अपने घर पर ही उनकी कंप्यूटर की शिक्षा के लिए और उनके साथ काम करने के लिए निजी कंप्यूटर ट्यूडर डेविड न्यूमैंन को नियुक्त कर लिया जो कि हर हफ्ते में 1 बार उनके घर आकर मार्क ज़ुकेरबर्ग के साथ काम करते थे।

मार्क ज़ुकेरबर्ग कंप्यूटर में इतने माहिर थे कि उन्होंने अपनी हाई स्कूल की शिक्षा के अध्ययन में ही संगीत से जुड़ा पंडोरा नामक सॉफ्टवेर बना लिया था जिसे बाद में synapse के नाम से जाना गया।

मार्क ज़ुकेरबर्ग की महानता के चलते माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी कंपनी ने इस सॉफ्टवेयर को खरीदने और उन्हें अपने नौकरी देने का ऑफर।दिया लेकिन इनका टारगेट कुछ और ही था इसलिए इन्होंने इस ऑफर को ठुकरा दिया।

मार्क ज़ुकेरबर्ग ने अपनी स्नातक की पढ़ाई करने के 2002 में मर्सी कॉलेज में अध्ययन किया और आगे की पढ़ाई करने के लिए हावर्ड विस्वविद्यालय में चले गए।

अपने इसी अध्ययनकाल में मार्क जुगरबर्ग ने अनेक अविष्कारों को एक नई दिशा दी जो आज लोगो के जीवन के लिए वरदान साबित होती जा रही है। मार्क ज़ुकेरबर्ग के अविष्कारों के बारे में डिटेल्स में नीचे पढ़ सकते है –

मार्क जुगरबर्ग के आविष्कार (inventions)

मार्क ज़ुकेरबर्ग ने अपनीं 10 की पढ़ाई करने के दौरान Synapse सॉफ्टवेयर बनाया जो कि एक म्यूजिक प्लेयर था। जिसे लोगो ने काफी पसंद किया था।

Facemash
मार्क जुगरबर्ग ने अपने हावर्ड विश्वविद्यालय  मित्र Andrew Mcollum, Chris Hughes और Dustin के साथ मिलकर 2003 में Facemass नाम की एक वेबसाइट को बनाया था जिसके जरिये आपस मे 2 लोगो की तस्वीर की तुलना की जाती थी। विश्वविद्यालय में मार्क ज़ुकेरबर्ग का यह वेबसाइट काफी Popular हुआ लेकिन बाद में कॉलेज ने इसे बंद कर दिया था।

फेसबुक

कॉलेज के दिनों में फेसबुक नाम की एक बुक हुआ करती थी. जिसमे कॉलेज के सभी छात्रों की फोटो व् पूरी डिटेल होती थी. ऐसा ही कुछ सोचकर मार्क जगरबर्ग ने एक फेसमेश नाम की वेबसाइट बनाई. इस वेबसाइट की ख़ास बात ये थी कि ये लडके और लडकी की फोटो आमने सामने रखकर ये दिखा सकता था कि इसमें सबसे ज्यादा हॉट कौन है. सबसे मजेदार इस वेबसाइट में ये थी कि इस वेबसाइट के लिए लडकियों की फोटो इकट्ठा करने के लिए मार्क ने हावर्ड युनिवर्सिटी की वेबसाइट हैक की थी जोकि उस समय की सबसे स्ट्रोंग वेबसाइट मानी जाती थी. फेसमैश कॉलेज के छात्रों में बहुत फेमस हुई लेकिन कॉलेज की कुछ लडकियों ने इसे आपतिजनक बताकर इसका विरोध किया. इससे मार्क को डांट सुननी पड़ी थी. 

17 साल की उम्र में बनाई फेसबुक वेबसाइट 

फेसबुक मार्क ज़ुकेरबर्ग का सबसे बड़ा आविष्कार जिसने इनकी जिंदगी में और करियर को बदल कर रख दिया हम कहे सकते है कि इस अविषकर से सिर्फ मार्क जुगरबर्ग की ही नही बल्कि दुनिया के हर व्यक्ति की जिंदगी को बदल कर रख दिया जिसका असर आज लोगो के लिए कितना फ़ायदेमंद हुआ ये तो सभी जानते ही है।
जानकारी के लिए बता दे की मार्क जुगरबर्ग कंप्यूटर में माहिर थे ही इसलिए अमेरिका के दिव्य नरेंद्र ने मार्क जुगरबर्ग को सोशल नेटवर्किंग साइट बनाने की सलाह दी।

उनकी इस सलाह को मानते ही मार्क जुगरबर्ग ने अपने कॉलेज के दोस्तों के साथ इस वेबसाइट को बनाने के लिए अपना काम शुरू कर दिया और Havardconnection वेबसाइट को बनाया गया।

लेकिन बाद में मार्क ज़ुकेरबर्ग ने अपनी ने खुद की सोशल नेटवर्किंग साइट बनाने का निर्णय लिया और अंत मे मार्क जुगरबर्ग ने 2004 में thefqcebook.com नामक यूआरएल से इस वेबसाइट को डिजाइन किया जिसे जो आज Facebook या fb.com के नाम से जाना जाता है इस वेबसाइट को शुरुआत में सिर्फ स्कूल के बच्चों के लिए बनाया गया था जिसकी।मदद से स्कूल के छात्र अपने प्रोफइल अपलोड कर सकते थे और दूसरे मित्रों के फोटो और उनसे बातचीत कार सकते थे.

2004 में मार्क ने TheFacebook नाम की एक वेबसाइट बनाई. ये वेबसाइट अभी तक केवल हावर्ड में ही फेमस थी लेकिन धीरे धीरे ये वेबसाइट दूसरी युनिवर्सिटी में भी पसंद की जाने लगी| इस तरह से द फेसबुक की पॉपुलरिटी दिनरात बढती ही जा रही थी| इसे देखकर मार्क ने फैसला किया कि फेसबुक का इस्तेमाल अब सिर्फ कॉलेज छात्र ही नही बल्कि पूरी दुनिया के लोग कर पाएंगे. मार्क ने अपना कॉलेज बीच में ही छोड़ दिया और अपनी टीम को इकट्ठा कर पूरी मेहनत के साथ इस वेबसाइट पर काम करना शुरू कर दिया. 

2005 में द फेसबुक वेबसाइट का नाम बदलकर केवल https://www.facebook.com/ रख दिया गया. साल 2007 तक फेसबुक पर लाखो फेसबुक पेज और प्रोफाइल बन चुके थे. अब वो समय आ गया था जब फेसबुक पूरी दुनिया पर राज करने वाली थी. 2011 तक ये वेबसाइट दुनिया की सबसे बड़ी वेबसाइट बन चुकी थी. अपनी मेहनत से मार्क जुगरबर्ग इंटरनेट की दुनिया के बादशाह बन चुके थे. मार्क ने जिस समय फेसबुक का साईट बनाया उस समय वे सिर्फ 19 साल के थे. इतनी छोटी सी उम्र में ही उन्होंने दुनिया भर के लोगो को एक साथ जोडकर रख दिया. 

मार्क जुगरबर्ग इस सोशल दुनिया के सामने लाने के लिये आगे काम करने लगे और फिर बाद में इसे New York University, Columbia, New York University, Stanford, Dartmouth जैसी बड़ी जगह पर उपयोग करने के लिए पब्लिश कर दिया गया है.
और जैसे – जैसे इंटरनेट का जमाना बढ़ता गया बैसे – बैसे फेसबुक लोगो के बीच काफी लोकप्रिय होता गया। और आज फेसबुक दुनिया का सबसे बड़ा प्लेटफार्म माना जाता है।

मार्क ज़ुकेरबर्ग को इसी सोशल मीडिया वेबसाइट से एक नई पहचान मिली और इस वेबसाइट ने इन्हें महज 23 साल की अल्प आयु में अरबपति व्यक्ति बना दिया।

मार्क ज़ुकेरबर्ग की शादी और परिवार

मार्क ज़ुकेरबर्ग ने अपनी प्रेमिका प्रिसिला चैन कैलीफोनिया से 19 मई 2012 में शादी कर ली। मार्क जुगरबर्ग के 2 बच्चे मक्सिमा चैन जुकरबर्ग और अगस्त चैन जुगरबर्ग है। बता दे कि मार्क ज़ुकेरबर्ग दुनिया के धनी लोगो मे गिने जाते है। एक पत्रिका के।मुताबिक मार्क ज़ुकेरबर्ग के पास इस समय $64.3 मिलियन संपत्ति मौजूद है।
मार्क जुगरबर्ग जितने धनी व्यक्ति उतने ही परोपकार व्यक्ति है उन्होंने अपनी जीवन में कमाई गयी 50% धनराशि को दान करने का वडा कर दिया है| 

मार्क ज़ुकेरबर्ग से जुड़ी महत्वपूर्ण बातें

मार्क जुगरबर्ग अरबपति होते हुए वह अपने आँफिस में आज भी 10 से 12 घंटे काम करते है।

Yahoo सर्च इंजन ने $1.5billion में मार्क ज़ुकेरबर्ग को फेसबुक को खरीदने का ऑफर दिया था लेकिन मार्क जुगरबर्ग ने इसे ठुकरा दिया था।

मार्क ज़ुकेरबर्ग महज 23 साल की उम्र में अरबपति व्यक्ति बन चुके थे।

मार्क ज़ुकेरबर्ग ने अपने जीवन की कमाई का 50% धन को दान करने वादा किया है।

2015 में इंटरनेट को भारत मे नई।दिशा देने के लिए मार्क ज़ुकेरबर्ग ने भारत के प्रधानमंत्री।नरेंद्र मोदी जी से मुलाकात की थी।

फेसबुक को क्यों खरीदना पड़ा था whatsapp 

19 फरवरी 2014 में फेसबुक को whatsapp खरीदना पड़ा और इसके लिए 19 बिलियन $ रकम दी गयी. इसमें 4 बिलियन डॉलर कैश दिया गया था बाकी शेयर के रूप में दिए गये थे. इसके साथ ही ये भी डील की गयी थी कि जो whatsapp का पुराना स्टाफ वो सभी वैसा ही रहेगा और whtsapp फेसबुक के अंडर नही बल्कि वैसे ही काम करेगा. क्योंकि फेसबुक का हाथ छोटा था इसलिए उसे ये सभी शर्ते माननी पड़ी . ये टेक्नोलॉजी सेक्टर में 6ठी सबसे बड़ी डील थी और सॉफ्टवेयर के लेनदेन में दुनिया की सबसे बड़ी डील थी. 

फेसबुक whatsapp की पोपुलैरिटी का राज जानता था. उन्हें मालूम था कि whtsapp इतनी जल्दी इसलिए बढ़ रहा है क्योंकि इसपर आने वाले ज्यादातर लोग बाहर ( US के नही ) के थे. जबकि फेसबुक के यूजर्स ज्यादातर US के थे. इसलिए ये फेसबुक के लिए एक बड़ा खतरा बन गया था. अगर इसे ऐसे ही बड़ा होने दिया जाता तो जो दूसरी कंपनी अपना पैसा इंवेस्ट कर रही थी वो फेसबुक की जगह whatsapp पर इंवेस्ट करती. इसी डर के कारण कहीं फेसबुक की वेल्यु कम न हो जाये तो उसे whatsapp को खरीदना पड़ा. 

आपकी जानकारी के लिए बता दें कुछ समय पहले गूगल ने भी whatsapp को खरीदने का सोचा था लेकिन ऐसा कुछ हुआ नही था. क्योंकि वो डील गूगल ने आधे अधूरे मन से की थी. 

निष्कर्ष-
मार्क ज़ुकेरबर्ग
की जीवनी आज के युवाओं के लिए प्रेणादायक बन चुकी है उनकी जीवनी आज सभी को आगे बढ़ने और सफलता पाने के लिए उत्साहित करती है।

उन्होंने मुश्किलों का सामना करते हुए अनेक आविष्कार किये जो आज दुनिया के लिए वरदान से बन गए है।
बाकी आज हम आपको मार्क जुगरबर्ग के जीवन से जुड़ी कुछ महत्वपूर्ण बातों को विस्तार से बता ही चुके है। मुझे उम्मीद है कि आपको आज के इस लेख में मार्क ज़ुकेरबर्ग के जीवन के बारे में उचित जानकारी मिल गयी होगी। आपको मार्क ज़ुकेरबर्ग पढ़कर  कमेंट करके ज़रूर बताये साथ ही अगर आपको इस लेख में दी गयी मार्क ज़ुकेरबर्ग की जीवनी से कुछ प्रेरणा मिली हो तो इसे सोशल मीडिया पर ज़रूर शेयर करे|

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