SEO क्या है?What are SEO and its uses in Hindi (2020)

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SEO क्या हैWhat is SEO and its uses in Hindi (2020)
SEO क्या हैWhat is SEO and its uses in Hindi (2020)

SEO Search Engine optimization

Internet की दुनिया में जो लोग अपने नये ब्लॉग और वेबसाइट शुरू करने का मन बना रहे है या फिर जिन्होंने इस पर काम करना शुरू कर दिया है उन सबके मन में एक ही सवाल आता है SEO क्या है और ये क्यों जरुरी है| SEO एक ऐसा तकनीक है जिससे हम अपने पेज या वेबसाइट को सर्च इंजन में टॉप पर लाते है|

SEO Search Engine optimization इसका मतलब सर्च इंजन है और SEO वो प्रोसेज है जिससे आप अपने ऑनलाइन कंटेंट को Optimized( सुधारना) कर सको| ताकि वो सर्च इंजन में टॉप पेज पर Unpaid (बिना पैसे दिए) रिजल्ट देख सके| किसी keywords के लिए| और ध्यान रखे unpaid रिजल्ट मतलब without किसी सर्च इंजन को पैसे दिए हुए. जिसे ऑर्गेनिक सर्च रिजल्ट भी कहते है. इसकी जानकारी आपको इसलिए होनी चाहिए क्योंकि अपने कंटेट को पैसे देकर भी सर्च इंजन पर टॉप रैंक पर ला सकते है. 

सर्च इंजन की जब बात होती है तो Google का मार्किट 92. 74% शेयर है इसलिए हर कोई चाहता है कि उसकी साइट google के पहले पेज पर रैंक करे| Google अपने Algorithm के बेसिस पर Site के ब्लॉग को किसी पर्टिकुलर keywords के लिए रैंक करता है| Google ने अपने Algorithm की कुछ चीजे बताई है कुछ चीजे नही बताई है ताकि कोई उसका गलत फायदा न उठा सके. 

आपका अपना कोई Youtube चैनल या फिर खुद की कोई वेबसाइट है. जिसपर कोई ट्रैफिक नही आ रहा है. लोग आपकी वेबसाइट पर विजिट नही कर रहे है तो आपको SEO काफी मदद कर सकता है|

मान लीजिये आपने एक Youtube चैनल बनाया या फिर एक वेबसाइट बनाई है. अब आप अपने चैनल पर एक विडियो डालते है और वेबसाइट पर एक पोस्ट करते है. अब आप इन दोनों को पुरे इंटरनेट पर फेलायेंगे कैसे ? कैसे आपके चैनल पर कोई विजिटर उस विडियो / पोस्ट को देखने आएगा जिसे आपने पोस्ट किया है|

जब हम कोई website या blog बनाते हैं, या कोई ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म, तो हम ये चाहते हैं कि अधिक से अधिक लोग हमारे blog या website पर जाएँ और देखें।

क्योंकि जब लोग हमारे ब्लॉग या वेबसाइट पर जाते हैं, तो वे हमारे products या service के बारे में समझ सकते हैं।  तो Google एक सबसे अच्छा तरीका है जहाँ से हम आसानी से अपने ब्लॉग पर countless traffic ला सकते हैं।  क्योंकि लाखों लोग दिन पर दिन गूगल पर सर्च करते रहते हैं।

SEO  क्या है ? SEO का पूरा नाम (search engine optimization) है|

 SEO  का full form Search Engine Optimization है।  यह सीधे search engine से संबंधित है।  एक तरह से, search engine  में अपनी वेबसाइट को first page पर लाने के कई तरीके हैं ताकि हमारी website पर traffic को बढ़ाया जा सके।

Website को first page पर लाना बहुत ही challenging है क्योंकि ज्यादातर लोग पहले पेज पर आने वाली website पर जाते हैं और इसके लिए हमें SEO के नियमों का पालन करना पड़ता है।

Website पर traffic बढ़ने से हमारा online business बढ़ता है।  साथ ही, search engine में website की value बढ़ जाती है, जिससे website की ranking बढ़ जाती है।

 अगर हम कुछ भी खोज रहे हैं, तो यह जल्दी से सही जानकारी देगा।  इसके लिए, हमें search engine का एक roadmap चाहिए, जिसे Seo (Search Engine Optimization) कहा जाता है।

अच्छे results प्राप्त करने के लिए लोग SEO और traffic rules का उपयोग करते हैं। उदाहरण के लिए, यदि आप “SEO क्या है” खोजना चाहते हैं, लेकिन आपको accurate results नहीं मिलता हैं। यह कुछ और के बारे में है, तो आपको बार-बार search करना होगा, जो आपकी यात्रा को खराब बनाता है। यही कारण है कि, Google search engine उपयोगी और उचित जानकारी प्रदान करने के लिए SEO factor का उपयोग करता है।

SEO या Search engine optimization एक अभ्यास है, ताकि हम अपने page को search engine में ला सकें। खोज इंजन क्या है? हम सभी जानते हैं कि Google सबसे प्रसिद्ध search में से एक है लेकिन इसके अलावा bing, Yahoo और Search engine भी मौजूद है। SEO की मदद से हम अपने page को सभी search engine पर Number 1 rank पर लाने में सक्षम हैं।

आप एक सरल तरीके से SEO के बारे में जानना चाहते हैं, तो आप जानते हैं कि Google को वही सामग्री पसंद है जो उपयोगकर्ता को पढ़ना पसंद है।  Google द्वारा पसंद की गई content पहले page पर जाती है।  और अगर google पेज पसंद नहीं करता है, तो धीरे-धीरे नीचे जाता है।  यह Google Seo का  most relevant factor है।

SEO एक process है, जिसके जरिये हम अपने ब्लॉग या वेबसाइट को गूगल के सर्च इंजन में फर्स्ट पेज पर रैंक कर सकते हैं, जिससे वेबसाइट या ब्लॉग का ट्रैफिक बढ़ता है |

यह मुख्य रूप से विभिन्न प्रकार की खोजों पर ध्यान केंद्रित करता है, जिसमें image search, video search, academic search, news search and industry specific खोज इंजन शामिल हैं। अगर आप अपने Blog या Website का SEO नहीं करते हैं तो आपके लिए अपने Blog या Website से Earning करना काफी मुश्किल होगा।

SEO क्यों महत्वपूर्ण है?

सर्च इंजन को प्रति दिन लाखों users उनके प्रश्नों के उत्तर या उनकी समस्याओं के समाधान के लिए देख रहे हैं।

यदि आपके पास कोई website, blog या online store है, तो SEO आपको search engine से मुफ्त ट्रैफ़िक प्राप्त करने में मदद कर सकता है।

Search engine ज्यादातर users को उनके प्रश्नों के उत्तर या उनकी समस्याओं के समाधान प्रदान करने के लिए हैं।

यदि आपके पास कोई website, blog या online store है, तो SEO आपको search engine से free traffic प्राप्त करने में मदद करता है।

Search Engine Optimization महत्वपूर्ण है क्योंकि:

  • SEO न केवल search engine के बारे में है बल्कि अच्छी SEO practices के होने से ये user experience को बढ़ाने में मदद करता है और आपके website की usability में सुधार करती हैं।
  • Users खोज इंजन पर भरोसा करते हैं और  users की खोज करने वाले keywords के लिए top positions में उपस्थिति रखते हैं, website के trust factor को बढ़ाता है।
  • SEO आपकी website के social promotion के लिए अच्छा है।  क्यूंकि जो लोग आपके site को google जैसे search engine में देखते हैं तब वो ज्यादातर उन्हें social media जैसे की Facebook, Twitter, Google+ में share जरुर करते हैं ।
  • SEO आपको competitors से आगे रख सकता है। यदि 2 websites एक ही चीज़ बेच रही हैं, तो search engine optimization वेबसाइट में अधिक ग्राहक होने और अधिक बिक्री करने की अधिक संभावना है।
  • SEO किसी भी website के traffic को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा करता है।

सर्च इंजन कैसे काम करता है?

वैसे तो सभी सर्च इंजन के काम करने की अलग अलग टेक्निक होती है. लेकिन हर सर्च इंजन 3 step में काम करता है. सर्च इंजन क्या है और ये कैसे काम करता है. इसलिए अब आपको सर्च इंजन ऑप्टिमाइज़ समझने में आसानी होगी. क्योंकि SEO का सीधा सम्बंध सर्ज इंजन से होता है. 

Crawing 

Indexing 

Ranking 

google टॉप लिस्ट कैसे बनाता है ? –

यहीं पर आता है SEO का Use ,सर्च इंजन को हम ऑप्टिमाइज़ कैसे करे ताकि आपने जो वेबसाइट बनाई है वो उन रिजल्ट्स में सबसे उपर आये. ताकि कोई पूरी दुनिया में एक पर्टिकुलर keywords पर सर्च करे तो आपकी वेबसाइट पर सबसे ज्यादा ट्रैफिक आये. इसका एक उदाहरण – आप सर्च करते है free group sms google में. आपको वहां पर सबसे पहली वेबसाइट दिखाई देगी . आपने कोई एक वेबसाइट बनाई है और google को ये कौन बतायेगा कि आपने जो वेबसाइट बनाई है वो किस चीज के उपर है? किस पर्टिकुलर केटेगिरी के उपर है? Google खुद एक वेबसाइट है| Google ने सभी वेबसाइट Owners के लिए एक google WebMasters करके एक चीज बनाई है. इसलिए अगर आप कोई वेबसाइट बनाते है तो सबसे पहले आप google web master में जाइए| Google को बता दीजिये कि आपने एक नई वेबसाइट बनाई है इस पर्टिकुलर चीज के उपर है| अब आप आपके एल्गोरिथम use करिये, आप अपनी कोडिंग use करिये और मेरी site को रैंक करिए. 

दुनिया में हर सेकंड करोड़ो वेबसाइट बनाई जाती है और जो वेबसाइट एक keywords पर रैंक कर जाती है वो जिन्दगी भर रैंक नही रहती है और कॉम्पटीशन आते है नये लोग आकर नई वेबसाइट बनाते है जो push करते है दूसरी वेबसाइट नीचे आये व् उनकी उपर जाए| ये सभी चीजे कंट्रोल होती है Google के Algorithm से, Google का Algorithm बिलकुल सीक्रेट है जिसको ये एल्गोरिथम जिस दिन समझ आ गया उस दिन वो google को खराब कर सकता है और उनकी खराब साइटे अच्छे खासे Google पर रैंक कर सकता है| इसीलिए गूगल अपने Algorithm को समय समय पर अपडेट करता रहता है|

हमारी website को optimize करना क्यों महत्वपूर्ण है?

SEO किसी भी प्रभावी व्यापार रणनीति का एक fundamental हिस्सा है।

 इसके महत्व को स्पष्ट करने के लिए, कुछ basic reasons पर ध्यान दें, जिनके लिए आपको अपनी साइट का अनुकूलन करना चाहिए।

  •  यह हमारे ब्रांड के निर्माण में हमारी मदद कर सकता है।
  •  एक अनुकूलित वेबसाइट अधिक ट्रैफ़िक अर्जित करती है ।
  •  यह हमारे दर्शकों को वेबसाइट खोजने में मदद करता है।
  •  यह हमारे authority और credibility को बढ़ाता है।
  •  यह हमेशा आपको अपने competitors के आगे खड़े रहने में मदद करेगा।
  •  यह users के experiences को विकसित करता है।

वेबसाइट को कैसे ऑप्टिमाइज़ करें?

Backlinks, या inbound link की संख्या बढ़ाने के लिए एक साइट को बढ़ावा देने के लिए, एक और SEO tactics है।

 वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करने के कुछ खास कारण और महत्व निम्नानुसार हैं: –

  •  विशिष्ट दर्शकों के लिए उपयोगी वेबसाइट प्रदान करें
  •  अपनी वेबसाइट पर रोज ट्रैफिक बढ़ाये
  • मौजूदा ट्रैफिक का लाभ उठाये|
  •  अपनी वेबसाइट को अच्छी मेहनत करने के लिए मजबूर करें
  •  अपने दर्शकों को वही पहुँचाये कि वे क्या चाहते हैं और उम्मीद करते हैं?

 SEO के लिए अपनी वेबसाइट को ऑप्टिमाइज़ करने के कुछ उपाय इस प्रकार हैं: –

  •  सबसे पहले, अपने सभी वेबसाइट डेटा का Analytic करे|
  • Keyword Research किया जाना चाहिए|
  •  लंबी और मूल्य-समृद्ध सामग्री (Value-rich content)बढ़ाये|
  •  On-page SEO के लिए Optimize करें|
  •  Off-page SEO के लिए Optimized (सुधार) करें|
  •  मोबाइल के लिए वेबसाइट को Optimized (सुधार) करें|
  •  pages को गति दें मतलब वेबसाइट की स्पीड बढ़ाये|
  •  गुणवत्ता वाले Backlink प्राप्त करें|

SEO में क्या होता है?

 SEO का सही अर्थ जानने के लिए, हमें परिभाषा पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए और इसमें क्या जाता है: –

 1. Quality of Traffic

 आप अपनी वेबसाइट के visitors को केवल तभी खुश कर सकते हैं जब आप उन products की पेशकश कर रहे हों जिनमें visitors वास्तव में interest रखते हैं।  उदाहरण के लिए –

 यदि Google उन्हें बताता है कि आप Apple कंप्यूटर के लिए एक संसाधन हैं, जब आप सचमुच सेब बेचने वाले किसान हैं, तो इसका मतलब यह नहीं है कि आप quality services प्रदान कर रहे हैं।

 2. Quantity of Traffic

 यदि आपके पास सही लोग हैं जो उन खोज इंजन परिणाम पृष्ठों (SERPs) से क्लिक कर रहे हैं तो अधिक ट्रैफ़िक बेहतर है।

 3. Organic Result

 विज्ञापन कई SERPs (सर्च इंजन रिजल्ट पेज) का एक उल्लेखनीय हिस्सा बनाते हैं।  Organic traffic एक निःशुल्क प्रकार का ट्रैफ़िक है जिसमें आपको भुगतान नहीं करना पड़ता है।

SEO कितने तरीके से किया जाता है ? ( Type of SEO Techniques )

SEO में भी बहुत सारे पार्ट आते है – वैसे 2 तरीके से SEO किया जा सकता है -पहला है White Hat SEO पहली टेक्निक को कंपनी Recommend करती है क्योंकि ये अच्छी डिजाइन का प्रतीक है.  और दूसरा है Black Hat SEO. इसके अलावा एक तीसरे तरीके से भी SEO किया जाता है वो है – Grey Hat SEO.

White Hat SEO – White Hat में content Original होता है| Images Proper होते है| Links Content से Match होते है| Grammitical Mistake नही होते है| Standard HTML Follow करते है| इसमें आपको SEO के लिए ज्यादा मेहनत करने की जरूरत नही होती है| आपने अपनी site google को दे दी. अब google की जिमेदारी बनती है आपकी वेबसाइट को रैंक करे. 

Black Hat SEO – Black Hat SEO में हम google को force कर रहे है उसकी कोडिंग और उसके एल्गोरिथम को force कर रहे है कि वो आपकी वेबसाइट को सबसे पहले रैंक करे| जल्दी से रैंक करे और उसकी बहुत सारी कंडीशन होती है|बहुत सारे फेक्टर्स पर डिपेंड होता है| SEO आपकी वेबसाइट का google के उपर. Black Hat टेक्निक में सर्च इंजन के रूल्स का गलत इस्तेमाल करके अपने कंटेट को जो हाई रैंक करने की कोशिश रहती है. जैसे डुप्लीकेट कंटेट, इंडिविजुअल टेक्स्ट या keywords user को दुसरे वेबसाइट पर redirect करवाना, गलत site पर linking करना तो इसे एक तरह से सच इंजन को धोखा देना कह सकते है| ऐसे में अगर सर्च इंजन को पता चलता है कि ऐसी टेक्निक इस्तेमाल की जा रही है किसी कंटेंट पर तो उसे कम रैंक पर कर सकते है या उसे Temporarily व् Permanently बैन कर सकते है|

Grey Hat SEO – ये टेक्निक कभी कभार इतेमाल की जाती है| ये White और Black Hat SEO के बीच का रास्ता है| जिसमे आपकी sites पर कोई पेनल्टी नही लगती है, पर ये user को उतना अच्छा content भी provide नही करवाती है| Grey Hat टेक्निक में content से ज्यादा सर्च इंजन रैंकिंग को improve करने पर focus किया जाता है, इसमे आप सर्च इंजन को धोखा तो नहीं देते पर एक अलग advantage लेने की कोशिश करते है|

SEO के प्रकार

SEO एक website बनाने का practice है जिसे search engine  के द्वारा समझाना आसान होना चाहिए और users के लिए friendly होना चाहिए।  SEO का main objective organic traffic को बढ़ाना है।

प्रत्येक प्रकार का अपना महत्व है। विभिन्न SEO का प्रकार कुछ इस तरह हैं :

  •  तकनीकी (Technical) SEO
  •  ऑन-पेज (On-Page) SEO
  •  सामग्री (Content) SEO
  •  ऑफ-पेज (Off-Page) SEO
  •  स्थानीय (Local) SEO
  •  मोबाइल (Mobile) SEO
  •  ईकामर्स (E-commerce) SEO

उनमें से सबसे महत्वपूर्ण Technical, On-Page और Off-Page SEO हैं।

1. तकनीकी एसईओ (Technical SEO)

Technical SEO एक website के technical aspects को बेहतर बनाने में मदद करता है।  यह search engine में अपने pages की ranking भी बढ़ाता है। यह on page seo का एक हिस्सा है, जो उच्च रैंकिंग प्राप्त करने के लिए मदद करता है।  यह off page seo के विपरीत है, जो अन्य चैनलों के माध्यम से एक वेबसाइट के लिए exposure पैदा करने मे मदद करता है।  Technical optimization के aspects हैं :-

  •  तेजी से एक वेबसाइट बनाना,
  •  Crawl करना आसान है
  • Easy to understand search engine

Technical SEO का मुख्य उद्देश्य यह है कि search engine crawlers किसी भी कठिनाइयों का सामना किए बिना एक website को crawl और index कर सकते हैं।

2.ऑन-पेज एसईओ (On-Page SEO)

On page SEO में SEO के सभी elements शामिल हैं जिन्हें आप सबसे अच्छा control कर सकते हैं।  यदि आप एक website के मालिक हैं, तो आप technical issues और अपनी content की quality को control कर सकते हैं।  हमारा मानना ​​है कि on page issues से सभी को निपटना चाहिए क्योंकि वे आपके हाथों में हैं।  यदि आप एक भयानक वेबसाइट बनाते हैं, तो यह निश्चित रूप से रैंकिंग शुरू कर देगा।  ऑन-पेज एसईओ पर ध्यान केंद्रित करने से यह संभावना भी बढ़ जाएगी कि आपकी ऑफ-पेज एसईओ रणनीति सफल होगी।

On पेज SEO बहुत ज्यादा जरुरी होता है. इसमें बहुत कम समय लगता है. इसे सिर्फ एक बार करना होता है. लेकिन अगर आपने सही ढंग से On Page SEO किया तो बहुत ज्यादा चांसेज होते है कि बिना off पेज SEO के आपकी वेबसाइट गूगल या फिर किसी सर्च इंजन में रैक कर जाएगी. आपकी वेबसाइट की हर पोस्ट के लिए On Page SEO करना पड़ता है. ये गूगल और किसी भी सर्च इंजन का बताता है कि आपकी पोस्ट किस टॉपिक के बारे में बात कर रहे हो और कौन कौन से keywords से आपकी पोस्ट रैंक करवाना है. 

 On Page SEO में वो सब चीजे आती है जो आप अपने वेब पेज या वेबसाइट के अंदर अपनी सर्च इंजन रैंकिंग improve करने के लिय कर सकते हो. जैसे आपके page के Title Tags, Meta Description, keywords, Original Content, Mobile Friendly pages, Proper HTML इत्यादि अच्छे से लिखना. इसे ओं pages कहते है.

On page SEO करने के लिए 3 चीजो की जरूरत होती है 

1. Content with images 

2. Target keywords 

3. Yoast Plugin 

Content with images 

  • आपका कंटेट सबसे यूनिक और हाई क्वालिटी का होना चाहिए. यूनिक मतलब कॉपी कंटेट नही होना चाहिए. इसे चेक करने के लिए आप Plagiarism Checker का इस्तेमाल कर सकते है. अगर आपका कंटेट कॉपी है तो गूगल आपकी पोस्ट को रैंक नही करेगा. हाई क्वालिटी कंटेट यानी कि ऐसा कंटेट जो विजिटर को सेट्सफाईड कर सके. 
  • आपके कंटेट में 1500 से 1800 वर्ड होने चाहिए. 
  • कंटेट के लिए आपको इमेजस भी लेनी पड़ेगी. आप फोटोशोप का इस्तेमाल करके अच्छी और यूनिक इमेजस बना सकते है. 

Target keywords

keywords रिसर्च बहुत ज्यादा जरुरी होता है. यदि आपने कोई जरुरी keyword मिस कर दिया तो आप लाखो रूपये मिस कर सकते है जोकि आप कमा सकते थे. आपका keyword रिसर्च एकदम पर्फेक्ट होना चाहिए. 

keywords रिसर्च tools 

  • google keywords प्लानर, 
  • Ubersuggest 
  • Uncover Long Tail keywords 

Yoast Plugin

Yoast Plugin

 सबसे बेस्ट प्लगिन है. वैसे तो ये प्लगिन बहुत कुछ करता है लेकिन यहाँ हम आपको केवल onpage SEO के बारे में यहाँ बता रहे है. yoast SEO फ्री प्लगइन है इससे आप अपने वर्ड्सप्रेस अकाउंट से सीधा इनस्टॉल करके एक्टिवेट कर सकते है|

On-Page SEO कैसे करते है

On-page SEO के बहुत सारे फैक्टर होते है जिनकी मदद से आप अपनी वेबसाइट को ऑन पेज के लिए ऑप्टिमाइज़ कर सकते है. नीचे आप कुछ कॉमन फेक्टर के बारे में जान सकते है.

  • Website design 
  • Website speed 

Website Structure

Website Favicon

Mobile-Friendly Website 

Title Tag

Meta Description 

Keyword Density

Image Alt Tag

URL Structure

Internal Links

Highlight Important Keyword

Use Heading Keyword

Use Heading Tag

Post – Good Length 

Google Sitemap

Check Broken Links

SEO Friendly URL

Google Analytics

Social Media Button

HTML Page Size

Clear Page Cache

Website security HTTPS etc

Title – वेबसाइट में टाइटल टैग कुछ इस तरह का होना चाहिए ताकि कोई भी विजिटर अगर उसे  पढ़ता है तो लिंक ओपन करने के लिए विवश हो जाये. यानी की टाइटल एट्रेक्टिव होना चाहिए जो दुसरो का ध्यान अपनी तरफ खींचे. 

अच्छा टाइटल कैसा होना चाहिए?

कभी भी आप टाइटल में 65 शब्दों से ज्यादा वर्ड्स का प्रयोग न करे. इसका कारण ये है कि गूगल 65 वर्ड्स के बाद सर्चज में टाइटल टैग शो नही करता है. 

पोस्ट का URL इस तरह लिखे 

जितना छोटा और सिम्पल आपके पोस्ट का URL होगा आपकी वेबसाइट को उससे उतना फायदा होगा.

Alt Tag  – वेबसाइट पोस्ट में इमेज का इस्तेमाल करे. इमेज के जरिये आप बहुत सारा ट्रैफिक पा सकते है. इमेज पर ऑल्ट टैग जरुर लगायें. 

Content हैडिंग और keyword content – जितना अच्छा आपका content होगा उतनी अच्छी ही site की valutaion इसलिए. इसलिए कंटेट को 800 – 900 वर्ड्स तक जरुर लिखे.

कॉपी न करे – SEO के लिए सबसे अच्छा ये है कि आप किसी दुसरे के कंटेट न कॉपी करे. 

keywords – पोस्ट लिखते समय आप LSI keyword का प्रयोग करे. इससे आप लोगो के सर्चेज को आसानी से लिंक कर सकते है. इसके साथ जरुरी keywords को बोल्ड करे. ऐसा करने से विजिटर का ध्यान उनकी तरफ आकर्षित होगा और उन्हें पता चल जायेगा ये जरुरी keywords है.

इंटरनेट लिंक – इंटरनेट लिंक से पोस्ट को रैंक करने का बढिया तरीका है. इससे आप अपने रिलेटिड पेजस को एक दुसरे के साथ इंटरलिंकिंग कर सकते है. इससे आपके सभी इंटरलिंक्ड पेजस आसानी से रैंक हो जायेंगे. 

हैडिंग – आर्टिकल में सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत हैडिंगस पर पडती है. क्योंकि SEO पर इसका सबसे ज्यादा इम्पेक्ट पड़ता है. पोस्ट का टाइटल तो H1 होता है जबकि Sub हैडिंगस को आप H2, H3 में लिख सकते है. 

ब्लॉग का डिजाइन – अपने ब्लॉग का डिजाइन हमेशा सिंपल और attractive बनाएं. आपके ब्लॉग के सभी पेज एक दुसरे से जुड़े होने चाहिए|

मेटा डिस्क्रिप्शन –

मेटा डिस्क्रिप्शन में मैंन कीवर्ड का इस्तेमाल करना होता है. जैसे SEO क्या है ? ये एक कीवर्ड है इसी कीवर्ड को टार्गेट करके ब्लॉग पोस्ट लिखा जायेगा. जिससे google के क्रोलर ये समझ जाते है कि ये पोस्ट SEO के बारे में लिखा गया है और फिर उसे गूगल पर रैंक करते है. सबसे जरुरी बात टाइटल और मेटा डिस्क्रिप्शन में कीवर्ड का इस्तेमाल करने के साथ साथ उसे catcy भी बनाये ताकि लोग उसे जब गूगल की लिस्ट पर देखे तो उस पर क्लिक करे. 

High क़्वालिटी कंटेट – जिस टॉपिक पर आप पोस्ट लिख रहे है उसे पूरा depth में लिखे उससे रिलेटेड हर पॉइंट को कवर करे ताकि जो भी यूजर उसे पढ़े तो उसके सारे दोउट्स क्लियर हो जाये. 

पोस्ट लिखते समय इस बात का ध्यान रखे कि अपने पोस्ट को ज्यादा SEO के मुताबिक बनाने के चक्कर में बहुत ज्यादा कीवर्ड का इस्तेमाल न करे. अपनी पोस्ट को यूजर के लिए लिखे न कि गूगल के लिए. क्योंकि जब यूजर आपकी पोस्ट को पसंद करेंगे और आपकी वेबसाइट पर ज्यादा समय स्पेंड करेंगे और शेयर करेंगे तो गूगल अपने आप आपकी पोस्ट को पहली पोजीशन पर रैंक कर देगा. 

On page SEO के बहुत सारे factor होते है जिनकी help से आप अपनी website को on page के लिए optimize (सुधार) कर सकते है हम आपको कुछ common factor बताने वाले है।

♦website design

♦website speed

♦Website Structure

♦Website Favicon

♦Mobile-friendly Website

♦Title Tag

♦Meta Description

♦Keyword Density

♦Image Alt Tag

♦URL Structure

♦Internal Links

♦Highlight Important Keyword

♦Use Heading Tag

♦Post-Good Length

♦Google Sitemap

♦Check Broken Links

♦SEO Friendly URL

♦Google Analytics

♦Social Media Button

♦HTML Page Size

♦Clear Page Cache

♦Website security HTTPS etc

3. कंटेंट एसईओ (Content SEO)

 Content SEO हमें products की quality के बारे में बताता है और इसे कैसे बेहतर बनाए इसकी जानकारी प्राप्त करने में मदद करता है ।

यह एक बहुत ही महत्वपूर्ण SEO सफलता कारक है, जिसे SEO के मुख्य प्रकारों में से एक माना जाता है।  कई मामलों को देखते हुए, हम on page seo के तहत उल्लिखित products mentioned देख सकते हैं, जो एक सही दृष्टिकोण (approach) भी है।

4. ऑफ पेज एसईओ (Off-Page SEO)

 Off-Page SEO में  promotion कार्य से संबंधित सभी जानकारी शामिल हैं।  हमें पिछले SEO प्रकारों के बारे में पता चला है जो मुख्य रूप से वेबसाइट के success factor और products पर अधिक ध्यान केंद्रित करते हैं।  लेकिन off page seo को उन basic techniques से निपटना पड़ता है जो आप internet पर अपनी website को बढ़ावा देने के लिए उपयोग कर सकते हैं।

 कुछ ऐसी वेबसाइटें हैं जो बहुत लोकप्रिय हैं, Google पर अन्य लोगों की तुलना में अधिक rank की संभावना है जो कम लोकप्रिय वेबसाइटें हैं।

इसमें वे सभी चीजे आती है जिन्हें आप आपकी वेबसाइट या web page के बाहर उसकी रैंकिंग improve करने लिए करते हो. जैसे link Building, Social Media Marketing, Social Book marketing Sites, Blog Submission, Forum Submission, Local Listings, Answer Questions इत्यादि. इससे सर्च इंजन को ये पता चलता है कि आपकी वेबसाइट कितनी important है और सर्च इंजन उस पर कितना trust कर सकता है| जो high quality sites होती है वो दुसरे वेबसाइट जैसे fecebook, twitter इत्यादि पर mention किये होते है या उनके links होते है. 

अगर आप Ranking Factors की छोटी मोटी चीजे सोचते है तो वो ये होती है आपका डोमेन ,आपकी वेबसाइट का नाम ऐसा होना चाहिए जो उस keywords से match करे| टाइटल डिस्क्रिप्शन टैग , इन सब चीजो को फॉलो करने के बाद site google पर रैंक कर पाती है. एक बार अगर आपकी site रैंक कर जाती है किसी keywords पर ,तो दुनिया में सालो भर जो भी लोग उसको सर्च करेंगे तो आपको free का ट्रैफिक मिलेगा ओरगेनिक सर्च से. 

SEO हर सर्च इंजन google,yahoo ,Bings सबके लिए आपको अलग अलग तरीके से करना पड़ेगा. ये आपके उपर डिपेंड करता है आपको कौन सी वेबसाइट कौन से सर्च इंजन में कौन से keywords पर रैंक करना है| रैंक पर लाना इतना आसान नही है कि आप एक बटन प्रेस करे और आपकी वेबसाइट रैंक कर गयी. इसके लिए बहुत Comptition होता है पूरा ऑनलाइन मार्किट google पर डिपेंड करता है|

मान लीजिये IPL वाले keywords पर आपकी site पहले नंबर पर रैंक कर गयी तो 3 महीने में पुरे भारत में IPL के कितने सर्च हुए होंगे. उन सारे सर्च का सारा ट्रेफिक आपकी वेबसाइट पर आ जाता. आप उस पर ऐड लगाते और आपकी वेबसाइट से बैठे बिठाये आप लाखो करोड़ो रूपये कमा लेते सिर्फ वेबसाइट से. लेकिन ये इतना आसान भी नही है. बहुत सारी चीजे होती बहुत सारे फेक्टर्स पर डिपेंड करता है. 

हर search इंजन के अपने SEO Fector होते है आज के समय में google सबसे बड़ा सर्च इंजन है और पूरी दुनिया में google का सबसे ज्यादा प्रयोग किया जाता है. Google लगभग 200 search इंजन fector पर काम करता है. वैसे तो SEO को समझना इतना आसान नही है लेकिन अगर आप इसे एक लाइन में समझना चाहते है तो इतना जान लीजिये कि Google केवल उन्ही Content को पसंद करता है जिसे user पपढना पसंद करते है. जिससे वह Content अपने आप First Page पर चला जाता है. यदि उस Content को पसंद नही करते है तो धीरे धीरे वह नीचे चला जाता है यानि कि उसकी रैंकिंग कम होने लगती है. ये Google SEO का सबसे जरुरी Fector है. 

5.लोकल एसईओ (Local SEO)

Local SEO एक प्रकार का SEO है जो केवल local business के लिए सबसे उपयुक्त है।  इसी तरह, यदि आपके पास एक वेबसाइट है जिसका मुख्य उद्देश्य आपके स्थानीय स्टोर पर आने वाले ग्राहकों को आकर्षित करना है।  उस उद्देश्य के लिए, आपको अपनी वेबसाइट को local SEO के लिए optimize करना चाहिए।

6. मोबाइल एसईओ (Mobile SEO)

Mobile SEO मुख्य रूप से मोबाइल devices के लिए specified SEO का एक subset है। यह एक वास्तविक तथ्य है कि अब Google खोज का 60% से अधिक mobile devices पर प्रदर्शन किया जाता है।  यह एक बड़ी संख्या और एक बहुत अच्छा indicator है कि इंटरनेट traditional desktop से ​​आगे बढ़ रहा है और मोबाइल उपकरणों पर स्विच कर रहा है।  यह भी मूलभूत कारण है कि Google ने एक mobile first index बनाने का निर्णय लिया।  और desktop version के बावजूद एक वेबसाइट के मोबाइल अनुकूल संस्करण को अनुक्रमित करना शुरू करें।

Mobile SEO पर काम करते समय, आपको कुछ तथ्यों को सुनिश्चित करने की आवश्यकता है जैसे: –

  •  आपकी वेबसाइट mobile friendly है।
  •  Website मोबाइल पर तेजी से load होती है।
  •  मोबाइल पर उपयोग करने के लिए वेबसाइट बहुत आसान है।

7. ई-कॉमर्स एसईओ (E-commerce SEO)

ECommerce एक बहुत बड़ा industry है।  अगर हम e-commerce में search engine optimization पर विचार करते हैं, तो e-commerce वेबसाइट का blog या corporate website पर काम करने की तुलना में बहुत अधिक जटिल है।  Optimize करने के लिए आपको अधिक page मिल सकते हैं और e-commerce website को बढ़ावा देना बहुत मुश्किल है।

सबसे महत्वपूर्ण e-commerce seo factor हैं:

  • An online store का optimize दो pages के साथ शुरू होता है, एक homepage होता है और दूसरा एक category pages होता है।  इससे पहले कि आप अपने product pages पर काम करना शुरू करें, इन दो pages को ठीक से अनुकूलित किया जाना चाहिए।
  •  अपने products pages का optimize करें जो आपके keywords research के परिणामों पर आधारित होना चाहिए।
  •  अपने स्टोर के सभी visual elements जैसे images, videos को ऑप्टिमाइज़ करें।
  •  Necessary schemas (उत्पाद, ऑफ़र आदि) शामिल करें
  •  सोशल मीडिया नेटवर्क जैसे अखबार, फेसबुक आदि पर अपने स्टोर को बढ़ावा दें।
  •  लोगों को अपने उत्पाद page से जोड़ने के लिए attractive रास्तों के बारे में सोचेंने पे मजबूर करे।
  • एक blog शुरू करें और अपने industry से related products प्रकाशित करें और वे लोगों को उनकी समस्या को हल करने में कैसे मदद कर सकते हैं ये बताओ ।

ध्यान रखने योग्य बाते !

यदि आपको कोई कहता है कि वो आपको पैसे लेकर SEO सिखाएगा तो आप उससे न सीखे. क्योंकि अगर आप उससे आज SEO सीख लेते है तो google बार-बार एल्गोरिथम बदलता रहता है. इसलिए आप ऐसे किसी को भी कभी पैसे न दें और google का SEO सीखने के लिए ही google करे इससे अच्छा ऑप्शन कोई दूसरा नही होगा|

चर्चा करने के लिए कुछ महत्वपूर्ण सवाल

SEO  क्यों जरुरी है?

SEO ब्लॉगिंग ( blogging ) की जान है. आप भले ही कितना अच्छा पोस्ट लिख लें लेकिन यदि आपकी पोस्ट ठीक तरीके से रैंक नही हुई है तब उसमे एक अच्छा ट्रैफिक नही आ सकता है. राइटर ने उस आर्टिकल को लिखने में जितनी मेहनत की होगी वह भी पानी में चली जाएगी. इसलिए अगर आप blogging को लेकर सिरियस होना है तो आपको SEO के बारे में पूरी जानकारी रखना जरुरी है. SEO का कोई rule नही होता बल्कि ये कुछ Google Algorithms के उपर आधारित है और ये लगातार बदलता रहता है. 

  • आपके youtube चैनल या वेबसाइट / ब्लॉग पर ट्रेफिक बढाने के लिए SEO बहुत ज्यादा जरुरी है. 
  • SEO करके हम बिना google को पैसे दिए टॉप पेज पर आ सकते है.
  • इस समय लोगो को किसी भी चीज की जानकारी हासिल करनी होती है तो वे सबसे पहले google पर ही सर्च करते है.
  • यूजर्स ज्यादातर टॉप रिजल्ट पर ही विश्वास करते है. 
  • SEO वेबसाइट के सोशल मीडिया प्रमोशन के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है. जैसे जो लोग गूगल के माध्यम से आपकी वेबसाइट पर विजिट करते है और वहां आपने अपनी फेसबुक पेज, इन्स्टाग्राम का लिंक दिया होता है . इसलिए वे सभी लोग आपको आपकी वेबसाइट से ही आपको सोशल मीडिया पर फॉलो करते है.
  • हर वेबसाइट की सबसे बड़ी जरूरत होती है ट्रैफिक की. यानी कि ज्यादा से ज्यादा लोग उनकी वेबसाइट पर आये और इसके लिए उन्हें पैसे भी खर्च करने पड़े. इसके लिए SEO सबसे अच्छा है. SEO में आपको थोड़ी मेहनत भले ही करनी पडती है लेकिन किसी तरह का कोई पैसा इसमें आपको लगाने की जरूरत नही होती है.
  • यदि आपकी वेबसाइट गूगल के टॉप पेज पर होती है तो आपकी वेबसाइट को एक बहुत ही valution वेबसाइट माना जाता है और ऑटोमेटिकली बाकी लोग भी आपको कॉन्टेक्ट करके की कोशिश करते है. ऐसे में आपको लोगो को अपने बिजनेस के बारे में बताने की जरूरत नही पडती है बल्कि लोग खुद आपके बिजनेस के बारे में जानने के लिए उत्सुक हो जाते है. ये सब SEO के माध्यम से हो सकता है|

1.SEO को काम करने में कितना समय लगता है?

SEO 6 महीने से लेकर एक साल तक का समय ले सकता है।

2.SEO के लिए कौन से skills का आवश्यक हैं?

  • Critical Thinking. …
  • Speaking & Writing Ability. …
  • Technical & Programming Skills. …
  • Social & Drinking Skills. …
  • Analytics Skills. …
  • Excel Skills. …
  • Drive, Motivation & Adaptability. …
  • A Sense of Humor.

3.क्या SEO के लिए Coding की आवश्यकता होती है?

SEO करने के लिए, कुछ basic coding का ज्ञान निश्चित रूप से आपकी मदद कर सकता है, लेकिन यह आवश्यक नहीं है।  यदि आपको कोडिंग का basics ज्ञान है, तो यह एक additive advantages हो सकता है।

4.भारत में कितना कमाते हैं SEO?

Average SEO salary package  फ्रेशर्स के लिए 1.8 से 4 लाख तक हो सकता है, जबकि experienced candidates के लिए, यह 30 लाख per annum तक जा सकता है।